वेद विज्ञान

वेद केवल धर्म नहीं बल्कि जीवन की सच्ची राह है

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क्या आप अपना राशिफल देख रहे है? कृपया एक बार इसे भी देख लें-

Posted On: 16 Jan, 2014 ज्योतिष में

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क्या आप अपना राशिफल देख रहे है? कृपया एक बार इसे भी देख लें-

राशिफल का प्रयोग एक व्यक्ति विशेष के लिये करना क्या ऋषि मुनि प्रोक्त आर्ष कथन का परिहास करना नहीं है?

कृत्तिका नक्षत्र-मेष एवं वृष,
मृगशिरा नक्षत्र- वृष एवं मिथुन
पुनर्वसु नक्षत्र- मिथुन एवं कर्क
उत्तराफाल्गुनी- सिंह एवं कन्या
चित्रा नक्षत्र- कन्या और तुला
विशाखा नक्षत्र- तुला और वृश्चिक
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र- धनु एवं मकर
धनिष्ठा नक्षत्र- मकर और कुम्भ
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र- कुम्भ और मीन
उपरोक्त नक्षत्र जैसा कि स्पष्ट है, दो दो राशियों में आते है.
मैं यहाँ एक उदाहरण देता हूँ जो प्रसिद्ध प्राचीन मूर्द्धन्य ज्योतिषाचार्य एवं उद्भट्ट विद्वान वराह मिहिर का है. उन्होंने उत्तराषाढ़ा में जन्म प्राप्त व्यक्ति के लिये लिखा है—-
“इष्टानन्दकलत्रो वीरो दृढसौहृदश्च जलदेवे।
वैश्वे विनीतधार्मिकबहुमित्रकृतज्ञसुभगश्च।।
(बृहत्संहिता अध्याय 99 श्लोक 11)
अर्थात जिसका जन्म उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होता है वह अति विनीत, धार्मिक, बहुत से मित्रो वाला, कृतज्ञ एवं सर्वप्रिय होता है.
ज्योतिष पितामह महर्षि पाराशर ने कहा है—
“यानोद्यान वनरतिः प्रवाससुरतिर्वसाधु सेवी च.
बहुशिल्पार्थः प्रियवाग जातः स्याद वैश्वदैवत्ये।।”
अर्थात जिसका जन्म उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होता है वह बाग़ बगीचे में रूचि रखने वाला, घर से बाहर रह कर साधु सज्जनो की सेवा में लीन, बहुत शिल्प विद्या का ज्ञातातथा सदा प्रिय बोलने वाला होता है.
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मकर राशि में ही आती है. अब मकर राशि का फल देखें-
“अधः कृशः सत्त्वयुतो गृहीतवाक्यो अलसो अगम्य जराङ्गनेष्टः।
धर्मध्वजो भाग्ययुतो अटनश्च वातार्दितो नक्रभवो विलज्जः।।” ()
फलदीपिका अध्याय 9 श्लोक 10
अर्थात जिसका जन्म मकर राशि में होता है उसके शरीर के नीचे का भाग अर्थात कमर से पैर तक दुबला पतला होता है. ऐसे व्यक्ति के पास सत्व-मानसिक, शारीरिक एवं आत्मिक तो होता है किन्तु धार्मिक सत्व नहीं होता है. यद्यपि ऐसे व्यक्ति दूसरो की बात मानते है किन्तु अपने स्वार्थ वाली ही बात मानते है. ये स्वभाव से आलसी होते है. ऐसे व्यक्ति का शारीरिक सम्बन्ध किसी अधिक उम्र वाली स्त्री के साथ होता है. ऐसा व्यक्ति धार्मिक होने का दिखावा करता है. यह घूमने का शौक़ीन, भाग्यवान किन्तु निर्लज्ज होता है. मकर राशि वाले वातरोग से पीड़ित होते है.
========वही उत्तराषाढ़ा नक्षत्र वाला व्यक्ति एक फल में धार्मिक, सत्यवादी, कोमल स्वभाव एवं बहुत सी शिल्प विद्याओं का ज्ञाता है. और दूसरी जगह पर मकर राशि वाला पापी, नीच कर्मो में रूचि रखने वाला आलसी एवं लम्पट होता है.
अब आप स्वयं विचार करें कि आप की राशि के लिये बताया जाने वाला राशिफल कितना सत्य एवं उचित है.
पण्डित आर के राय
Email- khojiduniya@gmail.com





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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sanjay kumar garg के द्वारा
January 17, 2014

पंडित जी, सादर नमन! बिलकुल सत्य बात है!


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